राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एन.आई.एस.ई.आर के 13वें स्‍नातक समारोह को किया संबोधित

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईएसईआर) के छात्रों से मानवता और राष्‍ट्र के लिए अपनी शिक्षा और ज्ञान का इस्‍तेमाल करने को कहा है। भुवनेश्‍वर में एनआईएसईआर के 13वें स्‍नातक समारोह को संबोधित करते हुए उन्‍होंने इस संस्‍था के स्‍नातकों को बधाई दी। इस अवसर पर राष्‍ट्रपति ने छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्रों में सर्वश्रेष्‍ठ कार्य करते हुए देश के लिए प्रशंसा अर्जित करें। 

राष्‍ट्रपति मुर्मु ने शिक्षा को अमृत के समान बताते हुए कहा कि भारतीय भौतिकविद सर सी. वी. रमन और प्रख्‍यात खगोल विज्ञानी, गणितज्ञ तथा विद्वान पठानी समंता जैसे अविस्‍मरणीय व्‍यक्तित्‍व के निर्माण में शिक्षा का ही योगदान है। हालांकि राष्‍ट्रपति ने विद्यार्थियों को आगाह किया कि वे अध्‍ययन और अनुसंधान के दौरान विज्ञान तथा तकनीकी का दुरूपयोग ना करें क्‍योंकि इससे मानव का विनाश हो सकता है। राष्‍ट्रपति पुरी में रथ यात्रा और अन्‍य समारोहों में हिस्‍सा लेने के लिए शनिवार से अपने गृह राज्‍य ओडिशा की चार दिन की यात्रा पर हैं।

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