भारत अपनी शिक्षा और ज्ञान प्रणाली को मजबूत कर महाशक्ति का स्थान हासिल कर सकता है: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी

 
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि ज्ञान, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। श्री मोदी ने बिहार के राजगीर में आज नालंदा विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर का उद्घाटन करने के बाद सुषमा स्वराज सभागार में छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपनी शिक्षा और ज्ञान प्रणाली को मजबूत कर महाशक्ति का स्थान हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया के सामने हमारी पहचान और परंपराओं का एक बड़ा उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का नया स्वरूप उभरते भारत की क्षमता और ताकत का प्रतीक है। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार प्राचीन परंपराओं के लोकाचार पर काम कर रही है इसलिए साथ मिलकर विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को भी मजबूत बनाया जा रहा है। श्री मोदी ने दोहराया कि उनकी सरकार भारत को शिक्षा क्षेत्र में नई पहचान दिलाकर एक बड़े ज्ञान केंद्र के रूप में फिर से स्थापित करने का प्रयास कर रही है।

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने इस अवसर पर कहा कि वे ज्ञान के एक वैश्विक पुल के पुनरुद्धार को देख रहे हैं जो अतीत की तुलना में और भी मजबूत रिश्ते बना सकता है। डॉ जयशंकर ने कहा कि शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण अंतरराष्ट्रीय समझ को बढ़ावा देने के सबसे प्रभावी तरीके हैं।
 
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्राचीन काल में नालन्दा विश्वविद्यालय की पहचान शिक्षा के केन्द्र के रूप में थी।

प्रधानमंत्री ने विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों का भी दौरा किया।

इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, अन्‍य प्रतिनिधि और 17 देशों के राजदूत भी उपस्थित थे।  

 
 
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