छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की आज हुई बैठक में शहरी विकास नीति का अनुमोदन किया गया

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की आज हुई बैठक में शहरी विकास नीति का अनुमोदन किया गया। यह नीति शहरों के सुव्यवस्थित विकास के साथ ही विकास योजनाओं में प्रस्तावित जन-उपयोगी भूमि का समुचित विकास करने के साथ ही अतिक्रमण और अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने के लिए बनाई गई है। इस नीति के तहत राज्य की शहरी आबादी सुविधाओं का जो अभाव महसूस कर रही है, उन्हें दूर किया जाएगा। इस नीति के बारे में विस्तृत दिशा निर्देश आवास और पर्यावरण विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे।
वहीं, राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में एक अहम फैसला लेते हुए विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से इन पांचों विकास प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत हो गया है। इन प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद तथा जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब इसके सदस्य होंगे। वहीं, आदिम जाति और अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव को भी इन प्राधिकरणों में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

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