झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में आदिवासियों का धर्मांतरण रोकने के मामले में सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किये जाने पर नाराजगी जतायी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायाधीश एके राय की खंडपीठ ने इस मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि झारखंड में घुसपैठ के जरिये आदिवासियों के धर्मांतरण का खेल हो रहा है और सरकारें चुप हैं।
अदालत ने इस मामले में केन्द्र और राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौैका देते हुए कहा कि जवाब नहीं देने पर कोर्ट की ओर से जुर्माना भी लगाया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी।