September 3, 2024 5:00 PM

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चम्बाः आशा कार्यकर्ताओं के लिए एचआईवी/एड्स एक्ट 2017 पर एक-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

मुख्य चिकित्सा अधिकारी चम्बा के सभागार में हेल्थ केयर प्रोवाइडर (आशा कार्यकर्ता) के लिए एचआईवी/एड्स एक्ट 2017 पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में संबोधित करते हुए  जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 जालम भारद्वाज ने राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी द्वारा किए जा रहे कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

 

उन्होंने बताया कि एचआईवी एड्स एक लाइलाज बीमारी है तथा जागरूकता ही इसके बचाव का एकमात्र उपाय है। उन्होंने  इस बीमारी के  फैलने के कारणों तथा लक्षण और बचाव के बारे विस्तृत जानकारी दी।

 

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को स्वेच्छा से समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की एच आई वी की जांच करवानी चाहिए। शिविर में जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 हरित पुरी ने बताया कि जिले मे गर्भवती स्त्रियों की एचआईवी जांच विशेष रूप से की जाती है।

 

उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर आईसीटीसी चंबा, भरमौर, किहार और चुवाडी में  एचआईवी की जांच  निशुल्क करवा सकते हैं, जिस की जानकारी विभाग द्वारा गोपनीय रखी जाती है। उन्होंने बताया कि 15 साल से 49 साल के आयु वर्ग में सबसे ज्यादा एचआईवी ग्रसित व्यक्ति हैं। डॉक्टर पुरी ने कहा कि एच आई वी एड्स एक्ट 2017 के अनुसार किसी भी एच आई वी ग्रसित व्यक्ति से भेदभाव नहीं कर सकते अन्यथा एक्ट के अनुसार 10000/- से लेकर 1लाख तक का जुर्माना और एक साल की कैद भी हो सकती है।

 

उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाईजेशन  द्वारा जारी 1097  टोल फ्री नंबर पर किसी भी समय कॉल करके एचआईवी एड्स के विषय में जानकारी हासिल कर सकता है।

 

उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को समाज के प्रति अपना कर्तव्य निर्वहन करते हुए हर व्यक्ति को एचआईवी की जानकारी देना और जांच के प्रति प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने  प्रतिभागिओं से आग्रह किया कि अपने अपने कार्यक्षेत्र में युवाओं को रक्तदान के लिए भी प्रेरित करें।

 

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो 18 से 65 साल की उम्र का हो, जिसे कोई लम्बी बीमारी न हो – रक्तदान कर सकता है इस प्रशिक्षण शिविर में 16 आशा कार्यकर्त्ताओं  ने हिस्सा लिया।

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